बर्बरीक महाभारत का योद्धा जो महाभारत को 30 सेकंड में खत्म कर सकता था

बर्बरीक महाभारत का योद्धा 

बर्बरीक महाभारत का योद्धा :महाभारत विश्व का सबसे बड़ा युद्ध है इस की कहानियां आपने हजारों बार सुनी होगी लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं एक ऐसे योद्धा की कहानी जो महाभारत को 30 सेकंड में समाप्त कर सकता था

बर्बरीक महाभारत का योद्धा

हम बात कर रहे हैं बर्बरीक की जिसे खाटू श्याम भी कहा जाता है बर्बरीक भीम के पोते थे और घटोत्कच के पुत्र थे क्या आपको पता है की बरबरी के पास ऐसा खास क्या था जो महाभारत के युद्ध को 30 सेकंड में खत्म कर देते बरबरी के पास शिव जी के द्वारा दिया गया शास्त्र था तीनबाण कहा जाता है

तीन बाण आज की मिसिल के  जैसी ही था जिसमें अपने लक्ष्य को खोज कर उस पर निशाना लगाया जाता था तीन बाण जैसे कि नाम से ही पता चलता है कि उसमें कुल 3  बाण थे 

पहले  बाण का काम था अपने लक्ष्य पर निशाना लगाना

दूसरे बाण का काम था उस पर निशाना लगाना जिसे बचाना हो और

तीसरे बाण का काम था चिन्हित किए गए लक्ष्य को एक ही बाण से नष्ट करना

जब महाभारत युद्ध की शुरुआत होने वाली थी बर्बरीक वहां आए हो आग्रह किया कि वह पांडवों की तरफ से लड़ना चाहते हैं इस पर श्री कृष्ण बागवान बोले की तुम  तीन बाण से क्या कर पाओगे मतलब की युद्ध से पहले तुम मुझे कुछ करके दिखाओ

तब बर्बरीक ने कहा कि वह एक ही बाण से पेड़ के पत्ते में छेद करके दिखाएगा जब आंखें बंद की तब श्री कृष्ण ने एक पत्ता तोड़कर अपने नीचे आया तो उसने पेड़ के सभी पत्तो में छेद कर दिया और फिर वह श्री कृष्ण जी के पांव के पास आकर रूक गया

तब बर्बरीक ने श्री कृष्ण जी से कहा एक पता शायद आपके पैर के नीचे दबा रह गया आप अपना पैर हटा लो वरना वो पैर में छेद कर देगा तब श्री कृष्ण जी ने तुरंत आपना पैर हटा लिया और उस तीर ने बचे हुए पत्ते में छेद कर दिया श्रीकृष्ण को डर था कि बर्बरीक युद्ध में उनके विपक्ष की तरफ से लड़ सकते हैं 

तीन बार इस्तेमाल करने की शर्तें थी की पहली इसे अपनी निजी शत्रुता के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और दूसरी ये की इसको  कमजोर पक्ष की ओर से ही इस्तेमाल किया जा सकता था

जब श्रीकृष्ण ने पूछा कि वह किस पक्ष में होंगे तब उसने कहा कि पांडवों की तरफ से लेकिन जब पांडव जित्न्गे तब कौरवों की तरफ से लड़ना पड़ेगा उसे बार-बार बदलना पड़ेगा और यह कब तक चलेगा जब सरे योद्धा मर नहीं जाता

तब श्री कृष्ण जी ने उसे अपने सर काटने को कहा बर्बरीक श्री कृष्ण जी के बहुत बड़े भक्त थे इसलिए उसने आपना सर श्रीकृष्ण को दे दिया  और कहा कि वह युद्ध को देखना चाहते हैं तब श्री कृष्ण जी ने उसको पहाड़ी की चोटी पर रख दिया

जब युद्ध खत्म हुआ तो पांडव  बहस करने लगे की युद्ध किस की वजह से जीता गया तो उन्होंने कहा कि युद्ध श्री कृष्ण जी की वजह से जीते हैं और बर्बरीक का शीश को नदी में बहा दिया गया जो कलयुग में राजस्थान में खाटू गांव में मिला तब वहां के राजा ने उस जगह मंदिर बनवाया जिसे हम कहते है खाटू शाम जी 

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