सिंह कैसे बना देवी का वाहन | देवी पुराण | कथा | कहानी | स्टोरी | सवारी

सिंह कैसे बना देवी का वाहन

सिंह कैसे बना देवी का वाहन :आज हम बात करेंगे महादेव शिव के 1 ऐसे मजाक के बारे में जिसकी वजह से सिंह बन गया था देवी मां का वाहन तो चलिए शुरू करते हैं दुर्गा माता का वाहन सिंह है तथा वह सिंह पर सवार होकर अपने भक्तों के कष्टों को हरने आती है परंतु क्या आपको पता है की देवी मां को उनकी सवारी सिंह कैसे प्राप्त हुए इसके संबंध में पुराणों में एक बहुत ही रोचक कथा है आइए जानते हैं उस कथा के बारे में हिमालय राज की पुत्री देवी पार्वती ने बचपन से ही भगवान शिव को अपने पति के रूप में चुन लिया था और  उनकी ही भक्ति एवं आराधना में लीन रहती थी

सिंह कैसे बना देवी का वाहन

जब देवी विवाह के योग्य हुई तो भगवान शिव को पति के रुप में प्राप्त करने के लिए देवी पार्वती एक ऊंचे स्थान पर तपस्या के लिए चली गई देवी पार्वती की कड़ी तपस्या को देख भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए तथा उन्होंने माता पार्वती को उनके पति के रुप में प्राप्त होने का वरदान दिया माता पार्वती एवं भगवान शिव का विवाह बहुत ही धूमधाम से संपन्न हुआ जिसमें सभी देवता ऋषि शिवगढ़ इत्यादि सम्मिलित हुए एक बार भगवान शिव एवं माता पार्वती दोनों कैलाश पर्वत पर बैठ कर एक दूसरे से हंसी मजाक कर रहे थे क्योंकि माता पार्वती ने भगवान शिव को अपनी कड़ी तपस्या से प्राप्त किया था अतः उस कड़ी तपस्या के परिणाम स्वरुप उनके शरीर का रंग हल्का काला पड़ गया था महादेव शिव ने मजाक मजाक में देवी पार्वती को उनके शरीर के रंग के कारण काली कह दिया देवी पार्वती को भगवान शिव का यह मजाक अच्छा नहीं लगा और वह शिव से नाराज होकर वहां से चली गई देवी पार्वती कैलाश पर्वत छोड़कर वापस तपस्या में लीन हो गई

इसी बीच एक भूखा शेर अपने शिकार की तलाश में उस स्थान पर आया जहां माता पार्वती तपस्या में लीन थी और शेर की मंशा देवी को अपना आहार बनाने की थी परंतु वह माता को तपस्या में लीन देखकर वहीं बैठ गया और उनके तपस्या से उठने की प्रतीक्षा करने लगा माता के उठने की प्रतीक्षा में उसे वहां अनेकों साल बीत गए परंतु वह शेर अपने स्थान से हिला भी नहीं  देवी पार्वती की कड़ी तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव शिव उनके समक्ष प्रकट हुए तथा उन्हें गोरे होने का वरदान दिया महादेव शिव के दिशा निर्देशानुसार देवी पार्वती गंगा नदी के तट पर गई वहां स्नान के पश्चात माता का शरीर गोरा हो गया गोरा हो जाने के कारण देवी पार्वती गौरी के नाम से भी जानई जाने लगी और देवी पार्वती ने उस दिन सिंह को अपना वाहन बना लिया जो उन्हें अपना आहार बनाने के लिए वहां वर्षों से बैठा हुआ था

इसका कारण यह था कि वह सिंह माता को अपना आहार  बनाने के चक्कर में वर्षों से उंहें देखते हुए ध्यान लगाए बैठा हुआ था तथा वह भी उनकी तपस्या का एक हिस्सा बन गया था और देवी मां ने सिंह को अपनी तपस्या मान लिया तथा सिंह की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी माता ने उस सिंह को अपनी सेवा में रख लिया तब से ही शेर माता की सवारी बन गया तो दोस्तों आज हमने बात करी महादेव शिव के एक मजाक के कारण सिंह कैसे बन गया था देवी मां का वाहन

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